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यात्रीगण ध्यान दें : हरियाणा में 2 दिन रोडवेज बसों का चक्का जाम, देखें क्या हैं कर्मचारियों की मांग 

 

 

Haryana Roadways strike : हरियाणा में दो दिन रोडवेज बसों के पहिए थमने जा रहे हैं, क्योंकि रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। पांच और छह नवंबर को अगर कोई यात्री सार्वजनिक परिवहन में सफर करने जा रहा है तो उसे दूसरा विकल्प ढूंढना पड़ सकता है। 

हड़ताल की तैयारी के लिए हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने जींद डिपो में गेट मीटिंग की। मोर्चा नेताओं अनूप लाठर, जयबीर घणघस, जगदीप लाठर, संदीप रंगा, वीरेंद्र सिंह, नीरज शर्मा, संजीव कुमार, सुरेंद्र कुमार, कृष्ण नोहरा, श्रीभगवान, पवन साहरण, अशोक खोखर, अमरजीत सिंह ने कहा कि हड़ताल रोडवेज के अस्तित्व, सरकारी सस्ती यात्रा और बेरोजगार युवाओं के रोजगार की रक्षा के लिए है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार प्राइवेट परमिट, किलोमीटर स्कीम और महंगी ठेके की इलेक्ट्रिक बसों के जरिए रोडवेज को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सोसाइटी की बसों में बुजुर्गों, छात्रों और महिलाओं को सरकारी बसों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

मोर्चा की मांग है कि हर गांव में सरकारी बस पहुंचे और स्कूल-कालेज के समय छात्राओं के लिए अलग स्पेशल बस चलाई जाए। सरकार को सात सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया है। इसमें सरकारी बस बेड़ा बढ़ाने, गांवों तक बस सेवा, छात्राओं के लिए स्पेशल बस, पक्की भर्ती और मानी गई आर्थिक मांगें लागू करने की मांग शामिल है।

कर्मचारियों की अन्य मांगों में परिचालकों और चालकों का पे ग्रेड बढ़ाना, उप निरीक्षक के रिक्त पदों पर पदोन्नति, 2016 में भर्ती चालकों को पक्का करना, बकाया बोनस देना, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को पक्का करना, काटी गई अर्जित छुट्टियां बहाल करना और जोखिम भत्ता देना शामिल है।

मोर्चा नेताओं के अनुसार, सरकार को सात सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया है। इसमें रोडवेज के सरकारी बस बेड़े को बढ़ाने, गांवों तक बस सेवा का विस्तार करने, छात्राओं के लिए स्पेशल बसें चलाने, कर्मचारियों की पक्की भर्ती करने और पहले से मानी गई आर्थिक मांगों को लागू करने जैसी मांगें शामिल हैं।

हड़ताल से यात्रियों पर पड़ सकता है असर

पांच और छह नवंबर को प्रस्तावित हड़ताल के चलते रोडवेज बसों के संचालन पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, बस सेवाएं कितनी प्रभावित होंगी, यह हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की भागीदारी और प्रशासन की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।