New E Buses : दिवाली से पहले इस शहर को मिलेगी 5 नई AC ई-बसों की सौगात, ग्रामीण रूटों पर भी चलेंगी
Rewari New E Buses : परिवहन विभाग द्वारा डीजल के धुएं से मुक्ति दिलाने और पर्यावरण फ्रेंडली ईको सिस्टम को बढ़ावा देने के मकसद से रोडवेज के डिपो में ई-बसों को शामिल किया जा रहा है। इसी कड़ी में रेवाड़ी डिपो में भी दिवाली से पहले 5 नई एसी ई-बसें शामिल होने जा रही हैं।
रेवाड़ी जिले के ग्रामीण यात्रियों और इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजी) मीरपुर जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए दिवाली का त्योहार दोहरी खुशी लेकर आ रहा है। प्रदूषण मुक्त और आरामदायक सफर को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग दिवाली तक रेवाड़ी डिपो के बेड़े में 5 नई आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें (ई-बसें) शामिल करने जा रहा है।
इन बसों के आने से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अंचल के यात्रियों को पहली बार वातानुकूलित (एसी) बसों में सफर करने का बेहतरीन अनुभव मिलेगा। विभाग की योजना के अनुसार, इन नई ई-बसों को मुख्य रूप से रेवाड़ी से मीरपुर यूनिवर्सिटी रूट और जिले के प्रमुख व अधिक सवारी वाले ग्रामीण रूटों पर उतारा जाएगा।
मीरपुर रूट पर बसों के फेरे बढ़ने से रोजाना सफर करने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को समय पर कॉलेज - यूनिवर्सिटी पहुंचने में सहूलियत मिलेगी और उन्हें निजी वाहनों या ओवरलोड वाहनों के धक्कों से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही बड़े ग्रामीण रूटों पर भी दैनिक सवारियां इन बसों में एसी में बैठकर सफर कर सकेंगी।
वर्तमान बस अड्डे में होगी चार्जिंग, बाकी 40 बसें नए परिसर में आएंगी
इन 5 नई बसों की चार्जिंग को लेकर विभाग ने अस्थाई इंतजाम पूरे कर लिए हैं। जब तक सेक्टर-12 स्थित नया बस अड्डा पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक इन 5 इलेक्ट्रिक बसों को सर्कुलर रोड स्थित वर्तमान (पुराने बस अड्डे में स्थापित किए गए चार्जिंग पॉइंट पर ही चार्ज किया जाएगा। बता दें, पहले से विभाग के पास 5 इलेक्ट्रिक बसें मौजूद हैं, जिन्हें यहीं चार्ज किया जाता है। इनके आने से इन्हें भी यहीं चार्ज किया जाएगा। जिससे कुल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढकर 10 हो जाएगी।
धुएं और शोर से मुक्ति, किफायती होगा ग्रामीण रूटों का सफर
जिले के ग्रामीण रूटों पर वर्तमान में चल रही डीजल बसों से निकलने वाले धुएं और शोर से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह से ध्वनि-रहित और धुआं-मुक्त हैं। इनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल डिस्प्ले जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में इन बसों का संचालन शुरू होने से न केवल दैनिक यात्रियों का सफर सुहाना होगा, बल्कि पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आने से ईंधन की बचत भी होगी।
कुल 45 बसें मिलेंगी, लेकिन नए भवन में आएंगी बाकी बसें
परिवहन विभाग (रोडवेज) के अधिकारियों के अनुसार, रेवाड़ी डिपो को कुल 45 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी तय हुई हैं। शुरुआती 5 बसों का सफल संचालन किया जा रहा है, जिन्हें रेवाड़ी से बावल रूट पर चलाया जा रहा है। अब इन 5 नई इलेक्ट्रिक बसों का भी संचालन किया जाएगा। इसके बाद, बाकी बची 40 नई इलेक्ट्रिक बसें सीधे सेक्टर-12 में बन रहे नए आधुनिक बस स्टैंड परिसर में ही आएंगी।
नए बस अड्डे में ₹13.96 करोड़ की लागत से 3 एकड़ में एक साथ 170 ई-बसों की क्षमता वाला चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा है। रेवाड़ी डिपो के जीएम निरंजन शर्मा ने कहा कि दिवाली के शुभ अवसर तक रेवाड़ी डिपो को 5 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने की पूरी-पूरी संभावना है।
इन बसों के बेड़े में शामिल होते ही इन्हें मीरपुर यूनिवर्सिटी रूट और यात्रियों की अधिक संख्या वाले प्रमुख ग्रामीण मार्गों पर चलाया जाएगा। शुरुआती बसों की चार्जिंग व्यवस्था वर्तमान बस अड्डे में की गई है। जल्द ही बसें सड़क पर उतरेंगी, जिससे छात्रों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।