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हरियाणा रोडवेज में अब नहीं चलेगी मनमर्जी, बसों के रूट से छेड़छाड़ पर विभाग सख्त, मुख्यालय की मंजूरी जरूरी

 

Haryana Roadwasy new order : हरियाणा रोडवेज में डिपो स्तर पर बसों के रूटों से छेड़छाड़ और किलोमीटर मिस होने के मामले में परिवहन विभाग अब सख्त हो गया है। परिवहन विभाग ने आदेश जारी किए हैं कि मुख्यालय की मंजूरी के बिना किसी भी रूट से बस नहीं हटेगी। 

मुख्यालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी डिपो के महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि मुख्यालय की मंजूरी के बिना रेशनलाइज किए गए मार्गों में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जाएगा। यदि किसी आगार को निर्धारित किलोमीटर में बदलाव करवाना है, तो उसका कारण सहित प्रस्ताव मुख्यालय को भेजना होगा, जिसमें ये बताना होगा कि इस रूट से बस क्यों हटाई जा रही है और जिस रूट पर लगाई जा रही है, वहां विभाग और यात्रियों को कितना फायदा होगा। 

दरअसल राज्य परिवहन हरियाणा के महानिदेशक कार्यालय द्वारा 22 अक्तूबर को पत्र जारी किया गया था और इसमें कहा गया था कि मार्गों को रेशनलाइज करके किलोमीटर निर्धारित किए जाने के बावजूद कई डिपो में इनमें छेड़छाड़ की जा रही है और इससे बसों के किलोमीटर मिस हो रहे हैं। बसों और चालकों-परिचालकों के उपयोग (Utilization) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। 

हेड क्वार्टर की मंजूरी के बिना नहीं बदलेगा रूट

परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुख्यालय द्वारा रेशनलाइज किए गए मार्गों और निर्धारित किलोमीटर में बिना पूर्व स्वीकृति के बदलाव नहीं किया जाए। विभाग ने DMS (डिपो मैनेजमेंट सिस्टम) से जुड़े अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत मुख्यालय की अनुमति के बिना DMS में किसी भी रूट को बंद या शुरू नहीं किया जाएगा। विभाग द्वारा डिपो स्तर पर बिना मंजूरी किए जाने वाले बदलावों को नियंत्रित करने और बसों के बेहतर उपयोग की व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया है।

मेलों के लिए चलेंगी स्पेशल बसें 

परिवहन विभाग ने मेलों, विशेष आयोजनों और अन्य कार्यक्रमों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त जरूरत को पूरा करने के लिए अलग से स्पेशल बसों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विशेष अवसरों पर बसों के संचालन के कारण नियमित रूटों और उनके निर्धारित किलोमीटर पर असर न पड़े।