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हरियाणा में फर्जी डिग्री से जेई बनी पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की बेटी, अब वेतन वसूलेगी सरकार 

HARYANA NEWS: चीफ इंजीनियर देवेंद्र दहिया ने मुख्यालय से पत्र जारी कर उन्हें वापस मूल पद क्लर्क पर भेजने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, जेई पद पर काम करने के दौरान मिले अतिरिक्त वेतन और भत्तों की गणना की जाएगी।
 

HARYANA NEWS : हरियाणा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जिसके बाद सब हैरान रह गए।  जानकारी के लिए बता दे की जनस्वास्थ्य विभाग में एक क्लर्क फर्जी डिप्लोमा के सहारे एक बड़ा पद ग्रहण कर चुकी थी।  बता दे की कनिष्ठ अभियंता बनने वाली पिंकी यादव पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दयाराम यादव की बेटी है।

मूल पद पर भेजने के आदेश जारी 

अधिक जानकारी के लिए बता दे की अब चीफ इंजीनियर देवेंद्र दहिया ने मुख्यालय से पत्र जारी कर उन्हें वापस मूल पद क्लर्क पर भेजने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, जेई पद पर काम करने के दौरान मिले अतिरिक्त वेतन और भत्तों की गणना की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार या तो उसकी वसूली होगी या वेतन से समायोजन किया जाएगा।

सितंबर 2025  में बनी थी JE

अधिक जानकारी के लिए बता दे की पिकी वर्ष 2020 में नारनौल के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में क्लर्क पद पर भर्ती हुई थीं। 10 सितंबर 2025 को सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा के आधार पर उन्हें जेई (सिविल) पद पर पदोन्नति दी गई। उन्होंने 11 सितंबर 2025 को नए पद का कार्यभार संभाल लिया।

 

इसी बीच उनके डिप्लोमा प्रमाणपत्रों को लेकर विभाग को किसी ने शिकायत की। विभाग ने हिमाचल प्रदेश स्थित अरनी विश्वविद्यालय में प्रमाणपत्रों का सत्यापन करवाया। 

वेतन वसूली की तैयारी 

अधिक जानकारी के लिए बता दे की विभाग अब 10 सितंबर 2025 से जेई पद पर दिए गए वेतन और भत्तों का हिसाब तैयार करेगा। क्लर्क पद पर देय वेतन और जेई पद पर किए गए भुगतान के अंतर की गणना की जाए‌गी। इसके बाद वसूली की जाएगी या वेतन से समायोजन किया जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस आदेश का असर इसी आदेश से पदोन्नत हुए अन्य अधिकारियों को पदोन्नति पर नहीं पड़ेगा।


सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस 


अधिक जानकरी के लिए बता दे की भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष की बेटी के फर्जी दस्तावेज से जेई बनने की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखा हमला बोला है। 

लोग सवाल उठा रहे हैं कि अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई।

 फेसबुक यूजर कृष्ण कुमार ने कहा, धोखाधड़ी का केस बनता है। राम हर्ष ने टिप्पणी की

सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे.. एफआईआर क्यों नहीं 


एक यूजर ने लिखा, 'बिना खर्ची, बिना पर्ची यह तो खर्ची और पर्ची दोनों है।

पर्ची। रोहताश सिंह बोले, जांच में दोषी

वहीँ कई अन्य यूजर ने भी इस मामले पर तीखी टिप्पणी की है।