हरियाणा के इस शहर में 136 करोड़ से बनेंगे फ्लाईओवर, अंडरपास, जाम से मुक्ति मिलेगी
Haryana news : हरियाणा सरकार द्वारा शहरों को जाम से मुक्ति दिलवाने के लिए जहां बाईपास निकाले जा रहे हैं तो वहीं शहर के अंदर फ्लाईओवर और रेलवे अंडरपास भी बनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) द्वारा जाम लगने वाली 3 जगहों पर रेलवे फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा।
इन प्रोजक्ट पर करीब 136 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में इन्हें मंजूरी दी गई। टेंडर आवंटन के बाद निर्माण कार्य 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
दादी सती चौक पर छह लेन का फ्लाईओवर
गुरुग्राम के सेक्टर 85-86 और 89-90 के बीच दादी सती चौक पर 43.05 करोड़ रुपये से 840 मीटर लंबा छह लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके नीचे 7.5 मीटर चौड़ा यू-टर्न, दोनों तरफ सर्विस रोड और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ भी होंगे। इस निर्माण से न्यू गुरुग्राम के आवासीय और व्यावसायिक इलाकों के बीच आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है।
विकास मार्ग पर बनेगा फ्लाईओवर
सेक्टर 45-46 और 51-52 के जंक्शन पर विकास मार्ग के ऊपर 36.36 करोड़ रुपये की लागत से 930 मीटर लंबा चार लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा। परियोजना में सर्विस रोड, स्लिप रोड और फ्लाईओवर के नीचे दो यू-टर्न भी शामिल हैं। इससे पार्क अस्पताल और अरिहंत अस्पताल की ओर जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
मिलेनियम सिटी सेंटर के पास अंडरपास
सेक्टर 27-29 और 43-44 के व्यस्त जंक्शन पर मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के नजदीक 57 करोड़ रुपये से अंडरपास बनाया जाएगा। इसकी एप्रोच करीब 1,350 मीटर लंबी होगी। इफको चौक की ओर 625 मीटर और अर्दी सिटी की तरफ 725 मीटर का हिस्सा विकसित किया जाएगा।
अंडरपास के साथ दोनों ओर अतिरिक्त यू-टर्न, 9.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड और 2.5 मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे। पैदल यात्रियों के लिए करीब 300 मीटर लंबा कवर फुट ओवरब्रिज भी प्रस्तावित है, जिसमें चार लिफ्ट और एस्केलेटर होंगे। परियोजना में सौर ऊर्जा संयंत्र और दो वर्षा जल संचयन प्रणालियां भी शामिल हैं।
प्रत्येक प्रणाली की क्षमता दो लाख लीटर होगी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा के अनुसार, तीनों परियोजनाओं से प्रमुख जंक्शनों पर यातायात का दबाव घटाने, वाहन चालकों का समय बचाने और पैदल यात्रियों के आवागमन को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।