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हरियाणा में किसानों की बल्ले बल्ले! स्मार्ट सिंचाई परियोजना पर सरकार खर्च करेगी 106 करोड़ रुपये

Haryana News : जल संरक्षण के साथ कृषि समृद्धि  में भी मदद मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार स्मार्ट सिंचाई परियोजना विकसित करने जा रही है। 
 

Haryana News : हरियाणा में किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर तकनीक से सुविधा मिलने जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए नए प्रयास शुरू किए हैं।

इससे जल संरक्षण के साथ कृषि समृद्धि  में भी मदद मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार स्मार्ट सिंचाई परियोजना विकसित करने जा रही है। 

 

इस परियोजना के तहत हिसार जिला के गावड़, कालावास और सिंघरान गांवों में यह व्यवस्था होगी।

इस पर 106.28 करोड़ रुपये रुपये खर्च होंगे। इस योजना के तहत शोधित अपशिष्ट जल को किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।

एसटीपी से निकलने वाला शोधित जल भूमिगत पाइपलाइन से खेतों तक पहुंचेगा। इससे 1700 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 971 किसानों लाभ होगा।

 

गांव गावड़ में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा ने इस परियोजना के बारे में जानकारी दी।


बढ़खालसा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में सरकार जल संरक्षण, किसानों के हितों और आधुनिक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रयास कर रही है। इससे अधिक से अधिक कृषि भूमि  को सिंचाई से जोड़ा जा रहा है। 


प्रतिदिन मिलेगा 1.70 करोड़ लीटर पानी 

इस परियोजना के तहत किसानों को प्रतिदिन 1.70 करोड़ लीटर पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। यह पानी हिसार शहर के गंगवा, सातरोड और डाबड़ा में बने सीवेज शोधन संयंत्रों यानी एसटीपी से निकलेगा। इस पानी को किसानों के खेतों तक पाइप लाइन से भेजा जाएगा। इससे पानी की बर्बादी नहीं होगी और अधिक से अधिक पानी सिंचाई के लिए प्रयोग होगा।