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8 बार SSB में फेल, 9वीं कोशिश में इतिहास! गांव का पहला लेफ्टिनेंट बना, CDS में हासिल की AIR-4

 

Sumit kumar Success Story : मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है और जो मुश्किलों के आगे घुटने नहीं टेकते। हरियाणा के हिसार जिले के गांव खारिया के सुमित कुमार ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना लेकर निकले सुमित को लगातार आठ बार SSB इंटरव्यू में असफलता मिली।

NDA में चयन का मौका भी हाथ से निकल गया, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी जारी रखी। आखिरकार मेहनत रंग लाई और UPSC की CDS परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल कर उन्होंने बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली।

सुमित कुमार की इस कामयाबी से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे गांव में जश्न जैसा माहौल है। किसान भीम सिंह और कृष्णा देवी के बेटे सुमित अब अपने गांव से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने वाले पहले युवा होंगे। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि सीमित संसाधन और बार-बार मिलने वाली असफलताएं भी मजबूत इरादों के सामने बाधा नहीं बन सकतीं।

NDA में चयन से चूके, लेकिन सपना नहीं छोड़ा

सुमित का बचपन से ही भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना था। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने NDA की तैयारी शुरू की। इस दौरान उन्हें कई बार SSB इंटरव्यू में असफलता का सामना करना पड़ा। लगातार आठ प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा।

एक बार SSB में सफल होने के बाद उन्हें ऑल इंडिया स्तर पर 506वीं रैंक मिली थी, लेकिन NDA में कुल 400 सीटें होने के कारण उनका चयन नहीं हो पाया। यह उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी मंजिल का अंत नहीं बनने दिया।

सीकर में रहकर की तैयारी, CDS में हासिल किया चौथा स्थान

सुमित ने वर्ष 2021 से राजस्थान के सीकर स्थित प्रिंस NDA अकादमी में रहकर सैन्य सेवाओं की तैयारी की। गांव के निजी स्कूल से पढ़ाई करने वाले सुमित ने लगातार अपनी कमियों पर काम किया और CDS परीक्षा की तैयारी जारी रखी। आखिरकार UPSC CDS IMA-162 कोर्स 2026 में उन्होंने पूरे देश में चौथी रैंक हासिल कर ली। उनकी इस उपलब्धि ने वर्षों के संघर्ष को सफलता में बदल दिया।

साधारण किसान परिवार से निकलकर सेना में अधिकारी बनने तक का सफर

सुमित का परिवार साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनके पिता भीम सिंह खेती-बाड़ी और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं, जबकि मां कृष्णा देवी ने बेटे के सपने को पूरा करने में उसका साथ दिया। परिवार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि गांव खारिया से पहली बार कोई युवा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने जा रहा है।

CDS परीक्षा में सफलता के बाद सुमित को देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) में करीब डेढ़ साल का सैन्य प्रशिक्षण लेना होगा। प्रशिक्षण पूरा करने और पासिंग आउट परेड के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिलेगा।