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बिजली के डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कटेंगे कनेक्शन, 1 नवंबर से शुरू हो रहा महाअभियान 

 

Haryana news : हरियाणा में बिजली निगम के डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब कटने जा रहे हैं। इसे लेकर निगम द्वारा 1 नवंबर से स्पेशल अभियान शुरू किया जा रहा है। जींद जिला प्रदेश में बिजली बिल डिफाल्टरों की सूची में प्रदेश में पहले स्थान पर है।

प्रत्येक सब डिवीजन को प्रतिदिन 50 डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने या उनके बिल जमा करवाने का लक्ष्य दिया गया है। पूरे जींद सर्कल में 35 हजार से ज्यादा कनेक्शन उपभोक्ताओं पर 800 करोड़ रुपये से ज्यादा बिजली बिल बकाया है। वहीं 700 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि उन उपभोक्ताओं की तरफ बकाया है, जिनके बिल नहीं भरने की वजह से पहले ही कनेक्शन कट चुके हैं।

डिफाल्टर उपभोक्ता शहर की बजाय गांवों में ज्यादा हैं। जो लंबे समय से बिजली बिल नहीं भर रहे हैं। कनेक्शन कटने के बाद सीधे कुंडी कनेक्शन से बिजली प्रयोग करते हैं। गर्मियों में एसी और सर्दियों में हीटर व राड चलाते हैं। बिजली चोरी की वजह से लाइन लोस भी ज्यादा रहता है।

ज्यादा लाइन लोस की वजह से ही जींद सर्कल में 295 गांवों में से केवल 39 गांवों में जगमग योजना के तहत शहर की तर्ज पर बिजली मिलती है। जबकि कई जिलों में लगभग सभी गांवों में शहर की तर्ज पर बिजली मिल रही है। बिजली निगम का प्रयास बकाया बिलों की रिकवरी, बिजली चोरी रोक कर लाइन लोस कम करने पर है। निगम की तरफ से बिजली चोरी पकड़ने का भी अभियान चलाया जाता है। 

टीमें कर दी गई हैं गठित : एसई
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम जींद सर्कल अधीक्षक अभियंता विनोद पूनिया ने कहा कि बकाया बिजली बिलों की रिकवरी के लिए एक नवंबर से विशेष अभियान शुरू कर रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं पर बिल बकाया ज्यादा है, उनको चिह्नित किया गया है। टीमें गठित की जा चुकी हैं।

प्रत्येक सब डिवीजन को प्रतिदिन 50 कनेक्शन काटने का लक्ष्य दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया है, वे बिल जमा करवा दें। ताकि बिजली कनेक्शन कटने से होने वाली असुविधा से बच सकें।