CAQM के आदेश : हरियाणा के इन 3 जिलों में 50 प्रतिशत स्टॉफ करेगा वर्क फ्रॉम होम
Haryana news : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस बार पहले ही एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। आयोग ने 5 से 20 नवंबर तक दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर के सभी सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ वर्क फ्रॉम होम करने के आदेश जारी किए हैं।
यानि कि 50 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे, बाकी घर से काम करेंगे। साथ ही निर्माण कार्यों पर भी पाबंदी लगाई है। आयोग के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथौड़े की ओर से जारी आदेश में यूपी, राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली के मुख्य सचिवों को इस व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
1 नवंबर से ये नए आदेश लागू, दिल्ली में बीएस-VI वाहन ही ले जा सकेंगे
-1 नवंबर से धूल उड़ाने वाले तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक रहेगी। हाईवे, फ्लाईओवर, बिजली व दूरसंचार जैसी परियोजनाओं पर यह प्रतिबंध सख्ती से लागू होगा। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, बस अड्डा, अस्पताल, जल आपूर्ति, स्वच्छता, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को पाबंदी से बाहर रखा गया है।
-1 नवंबर से दिल्ली में बाहरी राज्यों के बीएस-VI से कम मानक वाले पेट्रोल-डीजल वाहन नहीं चल पाएंगे। सीएनजी इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ एंबुलेंस दमकल वाहनों को छूट मिलेगी। दिल्ली में रजिस्टर्ड वाहनों पर यह रोक लागू नहीं होगी। एआई-आधारित ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। वैध पीयूसी के बिना पेट्रोल, डीजल, सीएनजी नहीं देंगे।
नॉन एनसीआर में औद्योगिक इकाइयों को नियम से छूट
औद्योगिक इकाइयों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों को इस नियम से छूट दी गई है, जहां यह व्यवस्था लागू करना संभव नहीं है। बता दें कि साल 2018 से 2025 तक के आंकड़ों से स्पष्ट है कि सर्दी शुरू होते ही हवा की धीमी रफ्तार और गिरते तापमान के चलते वाहनों, उद्योगों और फसल अवशेषों का धुआं हवा में थम जाता है।
नवंबर के शुरुआत और मध्य में हवा की स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। एक्यूआई 400-500 तक पहुंच जाता है। इसे देखते हुए ही दिल्ली-एनसीआर में ग्रुप-1 के प्रतिबंध 21 अक्टूबर से लागू कर दिए गए थे। इसके तहत दिल्ली-एनसीआर की सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है। कि वे उन उपायों को तुरंत लागू करें, जो प्रदूषण पर रोक लगाने में उपयोगी हैं।