New Bus Stand : हरियाणा के इस शहर में बनेगा नया बस स्टैंड, 11.57 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार
हरियाणा में उद्योगिक विकास के साथ सरकार द्वारा परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए हरियाणा रोडवेज की सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने शहरों में नए बस स्टैंड बनाए जा रहे है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार द्वारा कोसली में नए बस स्टैंड की मंजूरी दी गई है। इससे कोसली की परिवहन व्यवस्था को नई पहचान मिल जाएगी।
वर्षों से नए बस स्टैंड का इंतजार था, लेकिन अब यह इंतजार खत्म होने वाला है। कोसली अनाज मंडी के समीप परिवहन विभाग की जमीन पर छह बे के अत्याधुनिक बस स्टैंड का निर्माण जल्द शुरू होगा। परियोजना के लिए बजट जारी होने के साथ टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। अब जल्द ही निर्माण कार्य की आधारशिला रखे जाने की संभावना है।
कोसली को परिवहन विभाग का सब डिपो बनाए जाने से स्थानीय स्तर पर विभागीय कामकाज को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सब डिपो का पूरा स्टाफ यहां नियुक्त होने पर कर्मचारियों की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। इससे बस संचालन और यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार का रास्ता खुलेगा।
विधायक अनिल यादव ने बस स्टैंड को मंजूरी दिलवाने और परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कोसली में उपमंडल स्तर का अत्याधुनिक बस स्टैंड बनाया जाएगा, जहां यात्रियों को आवश्यक जनसुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
11.57 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार, 5.37 करोड़ रुपये जारी
कोसली में नए बस स्टैंड और परिवहन विभाग के सब डिपो की मांग को विधायक अनिल यादव ने सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। करीब एक साल पहले उनके प्रयासों से कोसली को छह बे के बस स्टैंड और परिवहन विभाग के सब डिपो की मंजूरी मिली थी। इस परियोजना के लिए कुल 11 करोड़ 57 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। अब इसमें से 5 करोड़ 37 लाख 46 हजार रुपये लोक निर्माण विभाग को मिल चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
विज के समक्ष उठाया था मामला
विधायक अनिल यादव ने कोसली में बस स्टैंड बनवाने और परिवहन विभाग का सब डिपो स्थापित करने के लिए तत्कालीन मांग के तहत हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज से अनुरोध किया था। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया गया। अब बजट जारी होने और टेंडर प्रक्रिया परी होने से निर्माण की राह आसान हुई है।