70 के दशक में हर गांव-शहर तक पहुंच गई थी लता के इन 5 सदाबहार गानों की गूंज, 50 वर्षों से बने हुए हैं आईकॉनिक
70's Superhit Lata Mangeshkar Song: 70 के दशक में लता मंगेशकर की आवाज में पांच ऐसे आईकॉनिक गाने बने जिन्होंने लता की आवाज को देश के हर गांव शहर तक पहुंचा दिया था। लता ने अपनी जादूई आवाज में हिंदी संगीत जगत को एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए हैं। लता मंगेशकर के पुराने गाने (old Hindi song) आज भी लोग खूब पसंद करते हैं।
70 के दशक को लता मंगेशकर के संगीत के सुनहरे दौर के रूप में भी जाना जाता है। लता मंगेशकर ने 70 के दशक में कई ऐसे कालजयी गीत गाए थे, जो उस दौर में रेडियो पर हर गली-मोहल्ले और दुकानों में सुने जाते थे। आज हम आपको 70 के दशक में लता मंगेशकर (70's Lata Mangeshkar song) की आवाज में बने पांच ऐसे सुपरहिट गानों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने लता की जादुई आवाज को उस दौर में घर-घर तक पहुंचा दिया था।
70 के दशक में इन पांच गानों ने लता की आवाज को पहुंचा दिया था घर-घर
‘गीत' फील्म के सदाबहार गाने ‘मेरे मितवा मेरे मित रे' (old song) को आज भी उस दौर का सबसे सुपरहिट गाना माना जाता है। इस गाने ने लता की जादुई आवाज को हर घर तक पहुंचा दिया था। दिल को छू लेने वाला इस गाने का मधुर संगीत कल्याण जी आनंद जी ने तैयार किया था।
बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘नागिन' के ‘तेरे संग प्यार मैं नहीं तोड़ना' पुराने हिंदी गाने (old Hindi song) को लोग आज भी बोल नहीं है। लता मंगेशकर और महेंद्र कपूर की आवाज में बने इस गाने ने 70 के दशक में जमकर धूम मचाई थी।
‘रामपुर का लक्ष्मण' फिल्म के ‘गुम है किसी के प्यार में' सुपरहिट गाने (old super hit Hindi song) ने 70 के दशक में गांव और शहरों के गली-मोहल्ले में रेडियो पर जमकर धमाल मचाया था। इस गाने को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने मिलकर गाया था।
पांच दशक पहले बने लता मंगेशकर की आवाज में बॉलीवुड के सदाबहार हिंदी गाने (evergreen Hindi song) ‘मुझे दर्द रहता है' को भी 70 के दशक में लोग खूब सुनते थे। इस गाने को आज के दौर में भी हिंदी संगीत प्रेमियों का खुब प्यार मिल रहा है। इस गाने को लता मंगेशकर के साथ मुकेश ने आवाज दी थी।
48 वर्ष पहले बने लता मंगेशकर के कालजयी गीत ‘सारे रिश्ते नाते तोड़ के मैं आ गई' (Lata Mangeshkar old song) की चमक 45 वर्ष बाद भी फिकी नहीं पड़ी है। इस गाने को 70 के दशक में दर्शकों का अपार स्नेह नहीं मिला था। गाने का मधुर संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी ने तैयार किया था।
लता मंगेशकर के पुराने हिंदी गाने आज के दौर में भी लोगों द्वारा खूब सुने जाते हैं। 70 के दशक के ये पांच हिंदी गाने पिछले पांच दशकों से आईकॉनिक बने हुए हैं।