{"vars":{"id": "141324:5161"}}

पिता ने देखा सपना, मां ने संघर्ष में दिया साथ, फिर दिन रात मेहनत कर बेटी बन गई डिप्टी कलेक्टर

Upsc Success Story : सफलता मिलने में देरी हुई, लेकिन असफलताओं से नंदनी ने हार नहीं मानी। वे तीसरे प्रयास में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 5वीं रैंक हासिल कर सफल हुई हैं। 
 

Success Story Sajanpali Nandani Sahu : खुद के हौसले हों और परिवार के साथ मिल जाए तो हर बाधा को पार कर सफलता पाई जा सकती है।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के छोटे से गांव से आने वाली नंदनी साहू ने यह कर दिखाया है। पिता के निधन के बाद नंदनी ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी में 5वीं रैंक हासिल कर अपने पिता के सपने को पूरा किया।


 

नंदनी साहू महासमुंद जिले के छोटे से गांव से आती हैं। गांव की इस बेटी ने कठोर परिश्रम कर अपनी मंजिल को पाया है।


हालांकि उनको सफलता मिलने में देरी हुई, लेकिन असफलताओं से नंदनी ने हार नहीं मानी। वे तीसरे प्रयास में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 5वीं रैंक हासिल कर सफल हुई हैं। 


सोशल मीडिया से बनाई दूरी

दरअसल नंदनी को बड़ा अधिकारी बनाने के लिए उनके पिता ने सपना देखा था। पिता मेघनाथ साहू का सपना पूरा करने के लिए नंदनी ने कठोर परिश्रम किया।

इसके लिए 3 साल तक वे सोशल मीडिया से दूर रही और तैयारी की। हालांकि इस दौरान ने साथ दिया।


क्योंकि जब नंदनी लोक सेवा आयोग परीक्षा की तैयारी कर रही थी, तब उनकी मां रामप्यारी साहू उनके साथ किराये के मकान में रहीं। नंदनी अपनी मां रामप्यारी साहू  के साथ परीक्षा की तैयारी के लिए 2019 में बिलासपुर आ गई थी।


 

सफलता के लिए लंबा संघर्ष

नंदनी ने बेशक अब सीजीपीएससी में सफलता पा ली है, लेकिन इसके पीछे उनको लंबा संघर्ष रहा है। क्योंकि जब उन्होंने पहले प्रयास में यह परीक्षा दी, तब उनको 179वीं रैंक मिली थी।

इस हार को उन्होंने कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनाया। इस परीक्षा की कमियों से सीखते हुए आगे बढ़ी। आखिरकार तीसरे प्रयास में 5वीं रैंक लेकर सफल हुई।