Success Story : पहले प्रयास में हासिल की सफलता, SDM से नहीं भरा मन, अब IAS की तैयारी कर रही है सिकरारा की बेटी
Success Story : ग्रामीण पृष्ठ भूमि से निकल कर उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जाम गांव की बेटी श्वेता सिंह ने राज्य प्रशासनिक सेवा में अपनी बेहतर उपलब्धी पाई है।
श्वेता सिंह ने इसके लिए कड़ी मेहनत और लगन के साथ तैयारी की। आज वे UPPSC 2023 परीक्षा में 11वीं रैंक प्राप्त कर SDM जैसे ओहदे पर हैं।
उन्होंने पहले ही प्रयास में उत्तर प्रदेश लोक सेवा में अपनी जगह बना कर कड़े परिश्रम को साबित किया है।
श्वेता सिंह उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जाम गांव से आती हैं। उन्होंने माता-पिता के सहयोग से 2023 में हुई UPPSC परीक्षा में 11वीं रैंक प्राप्त की।
हालांकि महिलाओं की श्रेणी की बात की जाए तो इसमें उनका स्थान तीसरा रहा। श्वेता सिंह के पिता सत्यप्रकाश सिंह इंटर कॉलेज में प्राचार्य हैं। वे बेटी को प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखते थे। इसके लिए बेटी ने कड़ी मेहनत की और सफलता पाई।
पढ़ाई में रही तेज तरार्र
श्वेता सिंह पढ़ाई में शुरू से ही तेज तर्रार रही हैं। उन्होंने अपनी स्कूल शिक्षा हरिहर सिंह स्कूल में की और इसके बाद प्रतिष्ठित सेंट जॉन्स स्कूल से आगे की पढ़ाई की। वहीं उनकी स्नातक की पढ़ाई तिलकधारी महाविद्यालय से हुई है।
UPSC में मिली असफलता
श्वेता सिंह के जीवन में बेशक असफलताएं आई, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय संघर्ष की राह चुनी। क्योंकि उन्होंने इससे पहले UPSC की भी परीक्षा दी।
इसमें असफलता हाथ लगी। यह असफलता श्वेता सिंह को रोक नहीं पाई, बल्कि उन्होंने संघर्ष कर आगे बढ़ने का फैसला किया। बेशक उनका सपना IAS अधिकारी बनने का था, लेकिन UPPCS पास कर एसडीएम बनी।
अभी भी जारी है आईएएस का सफर
बेशक शुरूआत में श्वेता सिंह ने आईएएस बनने का सपना देखा, लेकिन आज भी इस यात्रा पर वे रूकी नहीं है। हालांकि वे फिलहाल SDM के पद पर हैं, लेकिन IAS बनने का सपना अभी भी बरकरार है। अभी वे UPSC की परीक्षा के लिए उम्मीद कर रही हैँ।