{"vars":{"id": "141324:5161"}}

बैंक की नौकरी के साथ तैयारी कर रचा इतिहास, पांचवें अटेम्प्ट में IAS अधिकारी बनी डगडौआ की समीक्षा

Success Story : समीक्षा द्विवेदी की कहानी यह ही कह रही है। बार-बार असफलताएं मिलती रही, लेकिन समीक्षा द्विवेदी ने इनसे हार नहीं मानी और आखिरकार IAS बन कर अपनी सफलता को साबित कर दिया।
 

IAS Success Story : जब सपना और मेहनत जीत के लिए हों तो कोई भी असफलता हरा नहीं सकती। शायद मध्य प्रदेश के मऊगंज के छोटे से गांव डगडौआ की बेटी समीक्षा द्विवेदी की कहानी यह ही कह रही है। बार-बार असफलताएं मिलती रही, लेकिन समीक्षा द्विवेदी ने इनसे हार नहीं मानी और आखिरकार IAS बन कर अपनी सफलता को साबित कर दिया।

 

IAS बनने के सफर में समीक्षा द्विवेदी ने कड़ा संघर्ष किया है। उन्होंने पहले कोडिंग सीख कर इसमें करियर बनाने की सोची, लेकिन IAS बनने के जुनून के कारण यह काम छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने बैंक में नौकरी भी की, लेकिन IAS बनने का सपना उनको नींद नहीं आने दे रहा था। 

संघर्ष के पथ पर लगातार आगे बढ़ते हुए समीक्ष द्विवेदी ने UPSC 2025 की परीक्षा में AIR 56 रैंक प्राप्त कर दिखा दिया कि असफलताएं उनको तोड़ नहीं सकी। क्योंकि इसके लिए उन्होंने सब्र रखा और लक्ष्य के लिए कठोर मेहनत जारी रखी। 

 

समीक्षा द्विवेदी मूल रूप से मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के डगडौआ गांव से आती हैं। उनके पिता श्रीनिवास द्विवेदी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में अफसर हैं। पिता और मां सुनीता के साथ ने समीक्षा को हर बाधा पार करने के लिए मजबूत बनाया। बचपन से ही उनका सपना सिविल सर्वेंट बनने का था। इसको पूरा होने में करीब 4 साल लग गए।

 

समीक्षा द्विवेदी की स्कूली शिक्षा इंदौर से हुई है। इसके बाद उन्होंने चेन्नई स्थित SRM यूनिवर्सिटी से बीटेक किया। पेशे से इंजीनियर होने के बाद उन्होंने दो साल तक सॉफ्टवेयर क्षेत्र में नौकरी करते हुए अपने सिविल सर्विस के सपने को कभी भी नहीं छोड़ृा। ऐसे में नौकरी छोड़ कर फिर से पढ़ाई के लिए IIT कानपुर का रूख किया और यहां से MBA कर अपनी प्रतिभा को बढ़ाया। 

 

असफलताओं को हरा कर कामयाबी का सफर

निश्चित रूप से समीक्षा द्विवेदी के जीवन में जिस प्रकार सफलताएं रहीं हैं, उसी प्रकार असफलताएं भी। क्योंकि IAS के लिए उन्होंने 2021 में सफर शुरू किया। इसके लिए पहला प्रयास किया, लेकिन प्रीलिम्स क्लियर नहीं कर पाई। इसके बाद अगले साल यानी 2022 में प्रीलिम्स को क्लियर हो गया, लेकिन मेन्स में सफलता नहीं मिली।


 

 इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और 2023 में किए प्रयास में वे इंटरव्यू के लिए जगह बनाने में कामयाब रही। यहां भी हार नहीं मानी। फिर आया साल 2025 । यह समीक्षा द्विवेदी का पांचवां प्रयास था। उन्होंने अच्छी तैयारी के साथ परीक्षा दी और देश भर में 56 वां रैंक हासिल कर सफलता पाई।