14 से 15 घंटे तक हर रोज पढ़ाई कर डिप्टी कलेक्टर बनी पूजा, सिर्फ 22 की उम्र में रचा इतिहास
Success Story : जब सफलता के लिए जुनून सिर चढ़ जाए तो किसी भी प्रकार की बाधा रास्ता नहीं रोक पाती। यह करके दिखाया है महाराष्ट्र की बेटी पूजा तानाजी गायकवाड़ ने। उन्होंने महज 22 साल की उम्र में सफलता के ऐस झंडे गाड़ दिए, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।
पूजा तानाजी गायकवाड़ महाराष्ट्र के एक साधारण परिवार से आती हैं। उन्होंने सिविल सेवा में चयन के लिए कड़ी मेहनत की।
पूजा स्वयं कहती हैं कि इसके लिए प्रतिदिन 14 से 15 घंटे तक पढ़ाई की है। हालांकि पूजा की मां अरुणा तानाजी गायकवाड़ महज 7 क्लास तक पढ़ी हैं, लेकिन उन्होंने बेटी को अफसर बनाने के लिए पूरा साथ दिया।
पूजा तानाजी गायकवाड़ ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSCकी परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी मेहनत को साबित कर दिया है। हालांकि वे शुरू से ही पढ़ाई में काफी होशियार रहीं हैं।
क्योंकि 10वीं में उन्होंने 90% और 12वीं में 91% अंक अर्जित किए हैं। पूजा अपने मन में प्रशासनिक अधिकारी बनने का फैसला ले चुकी थी।
इसके लिए शुरू से ही कड़ी मेहनत की। स्कूली शिक्षा के बाद से ही प्रशासनिक सेवा के लिए तैयारी करने लगी थी।
आर्थिक तंगी नहीं बनी बाधा
पूजा तानाजी गायकवाड़ के जीवन में आर्थिक तंगी भी बाधा नहीं बनी। जब उन्होंने 2016 में प्रशासनिक सेवा के लिए तैयारी शुरू की, परिवार की आर्थिक स्थिति ढीली थी।
ऐसे में कम खर्च में किताबें खरीदना शुरू किया। तैयारी ऐसी की कि पहली बार दी परीक्षा में ही वे नायब तहसीलदार के पद चयनित हो गई। हालांकि यह उनकी मंजिल नहीं थी।
नायब तहसीलदार बनने के बावजूद उन्होंने अपनी मंजिल के लिए संघर्ष जारी रखा। दोबारा महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की की परीक्षा दी और दूसरा स्थान प्राप्त कर, वे डिप्टी कलेक्टर बन गईं।