हरियाणा में इन स्कूलों पर शख्त कार्रवाई के निर्देश, शुरू हुआ मिशन सफलता; जानें इसके फायदे
Haryana News : बोर्ड परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूलों पर हरियाणा सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है।
इसके लिए खास अभियान शुरू किया गया है। इससे न सिर्फ ऐसे स्कूलों पर नजर रखी जाएगी, बल्कि यहां परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए भी खास योजना बनेगी। इसके लिए मिशन सफलता शुरू किया गया है।
यह योजना सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम सुधारने के लिए बनाई है।
क्योंकि खराब प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूल अब सीधे सरकार के रडार पर रहेंगे।
इस मिशन के तहत ऐसे तीन स्कूलों का चयन किया जाएगा, जो ब्लॉक में सबसे कमजोर स्थिति में हैं। इसके बाद यहां शिक्षा स्तर सुधारा जाएगा।
इसके तहत स्टूडेंट अचीवमेंट फोकस्ड एकेडमिक लर्निंग टारगेटेड एक्शन प्लान को लेकर विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने प्रदेश भर के डीईओ निर्देश दिए कि इस मिशन को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए।
इससे ऐसे स्कूलों की कड़ी निगरानी होगी, जिनका प्रदर्शन कमजोर है।
इसके तहत स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, छात्रों को सीखने में आ रही दिक्कतों के साथ विषयवार प्रगति पर नियमित निगरानी रहेगी।
इस समीक्षा के दौरान जो विद्यार्थी कमजोर पाए जाएंगे, उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं होंगी। साथ ही विशेष मार्गदर्शन और परामर्श भी रहेगा। इसके अलावा ऐसे विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए खास ध्यान दिया जाएगा।
परीक्षा के आधार पर 3 श्रेणियों में बंटेंगे स्कूल
इस योजना के तहत शिक्षा विभाग ने तय किया है कि मिड-टर्म परीक्षा के परिणामों के आधार पर स्कूलों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा।
इसमें पहले ऐसे स्कूल होंगे, जिनका परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है। इन स्कूलों को रेड जोन में रखा जाएगा।
इसके बाद 80 प्रतिशत परिणाम वाले स्कूलों को येलो जोन में लिया जाएगा। जबकि 80 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों को ग्रीन जोन में शामिल किया जाएगा।