हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का तरीका, 10वीं, 12वीं क्लास का हर सप्ताह एग्जाम, किताब देख दे सकेंगे जवाब
HBSE news : हरियाणा में 10वीं और 12वीं क्लास के बच्चों की पढ़ाई में सुधार पर फोकस करते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड पढ़ाई के तरीके में थोड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत हर सप्ताह बच्चों का टेस्ट लिया जाएगा और बच्चे किताब खोलकर भी टेस्ट में दिए प्रश्न हल कर सकेंगे। शिक्षा बोर्ड और सरकार का उद्देश्य है कि बच्चे रट्टा लगाने की बजाय समझ विकसित करें। इससे विभाग बच्चों की कमजोरियों की पहचान करेगा और उन्हें समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।
हरियाणा के करीब 3,300 सरकारी स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा के लगभग 3.24 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें 10वीं कक्षा के करीब 1.74 लाख और 12वीं कक्षा के लगभग 1.50 लाख विद्यार्थी शामिल हैं। इन विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा की तैयारी बेहतर बनाने के लिए नियमित टेस्ट और विषयवार अभ्यास की व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
विभाग के अनुसार कक्षा में नियमित अभ्यास और साप्ताहिक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। टेस्ट के परिणाम से यह पता लगाया जाएगा कि किस विद्यार्थी को किस विषय या अध्याय में अधिक मदद की जरूरत है। इसके बाद संबंधित विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास कराया जाएगा, ताकि वे बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
शिक्षा विभाग का मानना है कि केवल परीक्षा के समय पढ़ाई करने से बेहतर परिणाम हासिल करना मुश्किल होता है। इसलिए पूरे सत्र के दौरान विद्यार्थियों की तैयारी पर नजर रखी जाएगी। साप्ताहिक टेस्ट के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि विद्यार्थी प्रश्नों को कितनी अच्छी तरह समझ पा रहे हैं और अपने ज्ञान का इस्तेमाल उत्तर लिखने में किस प्रकार कर रहे हैं। टेस्ट में विद्यार्थियों को किताब देखकर प्रश्न हल करने का अवसर भी मिलेगा। इससे वे पाठ्यपुस्तक में दी गई जानकारी को समझकर सही उत्तर खोजने और विषय के अनुरूप लिखने का अभ्यास कर सकेंगे।
विज्ञान, गणित और अंग्रेजी पर रहेगा अधिक जोर
विद्यार्थियों की तैयारी के दौरान विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विज्ञान में अवधारणाओं को समझने, गणित में प्रश्न हल करने और अंग्रेजी में भाषा व लिखने की क्षमता सुधारने पर जोर रहेगा। विद्यार्थियों को ऐसे प्रश्नों का अभ्यास कराया जाएगा, जिनसे उनकी विषय संबंधी समझ मजबूत हो सके। साथ ही, जिन विद्यार्थियों को किसी अध्याय या विषय में परेशानी आ रही है, उनकी पहचान कर अतिरिक्त मार्गदर्शन दिया जाएगा।
40 से 50 प्रतिशत अंक लाने वाले विषयों पर विशेष तैयारी
बोर्ड परीक्षा की तैयारी के दौरान उन विषयों की पहचान की जाएगी, जिनमें विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत कम अंक मिल रहे हैं। खासकर जिन विषयों में विद्यार्थी 40 से 50 प्रतिशत तक अंक हासिल कर रहे हैं, उनमें सुधार के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे।
10वीं का 85 और 12वीं का 90 प्रतिशत परिणाम रहा लक्ष्य
रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में पिछले सत्र में सरकारी विद्यालयों का 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम लगभग 85 प्रतिशत और 12वीं कक्षा का परिणाम करीब 90 प्रतिशत रहा था। इससे पहले के वर्षों में भी सरकारी स्कूलों के परिणाम में सुधार दर्ज किया गया है। अब शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की नियमित जांच, कमजोर विषयों पर अतिरिक्त ध्यान और लगातार अभ्यास के माध्यम से परिणाम को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है।