Silver price today : चांदी के भाव में भूचाल! 10 महीने में 2 लाख रुपए किलो तक गिरी कीमत, सोना भी 32 हजार टूटा
Silver price today : सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साल 2025 में तेजी से बढ़ने के बाद अब चांदी के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 22 अक्टूबर 2026 तक चांदी की कीमत करीब 1.8 लाख रुपये प्रति किलो तक नीचे आ चुकी है।
इस साल जनवरी में चांदी का भाव 3.8 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गया था, लेकिन अब इसमें लगभग 2 लाख रुपये प्रति किलो की गिरावट आ चुकी है। वहीं, सोने की कीमतों में भी रिकॉर्ड स्तर से गिरावट दर्ज की गई है और इसके भाव करीब 32 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ चुके हैं।
चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट ने सराफा बाजार में हलचल बढ़ा दी है। बीते साल अक्टूबर में चांदी का भाव करीब 1.52 लाख रुपये प्रति किलो था। इसके बाद कीमतों में लगातार तेजी आई और दिसंबर 2025 में चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। जनवरी 2026 में तेजी और बढ़ी तथा 20 जनवरी को भाव लगभग 3.09 लाख रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।
इसके बाद 28 जनवरी को चांदी ने करीब 3.58 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर छू लिया। जनवरी के आखिर में कीमतों में तेजी जारी रही और 29 जनवरी को भाव करीब 3.79 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। हालांकि, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर शुरू हो गया। 30 जनवरी को भाव घटकर लगभग 3.39 लाख रुपये प्रति किलो रह गया।
फरवरी की शुरुआत में भी गिरावट जारी रही और 1 फरवरी को चांदी करीब 2.65 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई। इसके बाद 6 फरवरी को भाव लगभग 2.44 लाख रुपये प्रति किलो तक गिर गया। अब 22 अक्टूबर 2026 को चांदी की कीमत करीब 1.99 लाख रुपये प्रति किलो दर्ज की गई है। इस तरह जनवरी के उच्चतम स्तर से तुलना करें तो चांदी लगभग 1.8 लाख से 2 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
सोने की कीमतों में भी चांदी की तरह गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 32 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ चुका है। 24 कैरेट सोने का भाव 1,41,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर से घटकर करीब 1,41,000 रुपये के आसपास बताया गया है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि, सोने और चांदी के भाव अलग-अलग शहरों, शुद्धता, टैक्स और सराफा बाजार के हिसाब से बदल सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और औद्योगिक मांग से जुड़ी चिंताएं कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।