राहत : मधुमक्खी पालन पर बीमा, बाढ़, आग या बीमारी से मधुमक्खियों को नुकसान हुआ तो मिलेगी आर्थिक मदद
Beekeeping Insurance : हरियाणा सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया गया है। इस योजना के माध्यम से मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं सहित विभिन्न कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
डीसी डा. वैशाली शर्मा ने बताया कि सरकार की इस पहल से मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों व उद्यमियों को लाभ मिलेगा। साथ ही मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन और इस क्षेत्र से जुड़े किसानों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने संबंधित किसानों और मधुमक्खी पालकों से योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बाढ़ की स्थिति में मधुमक्खी के बक्सों और कालोनियों के पानी में डूब जाने, आग लगने से मधुमक्खी के बक्से ओर कालोनियां खराब होने, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान बक्सों व कालोनियों का दुर्घटना से नुकसान होने, बशर्ते दुर्घटना हरियाणा राज्य के अंदर हुई हो व उसकी एफआइआर/डीडीआर दर्ज हो व मधुमक्खी में महामारी के कारण नुकसान होने पर संबंधित किसान लाभ के लिए पात्र होंगे।
योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक के पास अधिकतम 250 मधुमक्खी कालोनियां और बक्से हो। भावांतर भरपाई योजना-शहद के तहत पंजीकरण अनिवार्य व प्रत्येक मधुमक्खी बाक्स पर भावांतर भरपाई योजना का यूनिक नंबर दिया जाना अनिवार्य है। योजना में बीमा फीस 50 रुपये प्रति कालोनी व 50 रुपये प्रति बाक्स निर्धारित है।
वहीं, बीमा राशि 1250 रुपये प्रति कालोनी व 1250 रुपये प्रति बाक्स व अधिकतम बीमा राशि तीन लाख 12 हजार 500 रुपये प्रति कालोनी और तीन लाख 12 हजार 500 रुपये प्रति बाक्स है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 या जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकते है।