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हरियाली तीज, नाग पंचमी, रक्षाबंधन… अगस्त के सभी बड़े त्योहार एक साथ..जानिए तिथि और महत्व..!

 

वॉयस ऑफ पानीपत (मोनी कुमारी)--अगस्त 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। बताया जाता है कि सावन मास के चलते पूरे महीने भगवान शिव की पूजा,व्रत और कई प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। और इसी महीने में हरियाली तीज,नाग पंचमी,रक्षाबंधन ,जन्माष्टमी और ओणम जैसे बड़े त्योहार भी आएंगे। पंचांग के अनुसार महिलाएं इस महीने में अखंड सौभागय और परिवार के सुख- समृद्धि के लिए महत्वणूर्ण व्रत रखती है। व्रतो की बात करे तो हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 (शनिवार) को मनाई जाएगी। इसके बाद कजरी तीज 31 अगस्त 2026 (सोमवार) को होगी। वहीं हरतालिका तीजसितंबर में मनाई जाएगी और पंचांग के अनुसार इसकी तिथि 14 सितंबर 2026 मानी जा रही है। इन तीनों तीज व्रतों का विशेष महत्व भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से जुड़ा है। विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित लड़कियां मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना करती हैं।

सावन माह के पर्व

10, 17 और 24 अगस्त – सावन सोमवार:
सावन के सोमवार भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
8 अगस्त – नाग पंचमी:
नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत और पूजा से परिवार की रक्षा होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
15 अगस्त – हरियाली तीज और स्वतंत्रता दिवस:
हरियाली तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। इसी दिन देशभर में स्वतंत्रता दिवस भी पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया जाएगा।
29 अगस्त – रक्षाबंधन:
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का त्योहार है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देता है।
31 अगस्त – कजरी तीज:
कजरी तीज का व्रत विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।रक्षाबंधन का त्योहार 29 अगस्त 2026 (शनिवार) को मनाया जाता है यह भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देते हैं और उन्हें उपहार भी देते हैं।
पंचांग के अनुसार, राखी बांधने के लिए शुभ समय भद्रा काल समाप्त होने के बाद रहेगा। इसलिए बहनों को भद्रा खत्म होने के बाद ही राखी बांधने की सलाह दी जाती है। सुबह से लेकर शाम तक कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, जिनमें विधि-विधान से राखी बांधना शुभ माना जाता है।
रक्षाबंधन पर पूजा की थाली में रखें:
राखी (रक्षा सूत्र)
रोली और अक्षत (चावल)
दीपक
मिठाई
नारियल (इच्छानुसार)


इस दिन परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर इस त्योहार को खुशी और प्रेम के साथ मानते हैं। रक्षाबंधन केवल सगे भाई-बहन ही नहीं, बल्कि रिश्तों में विश्वास, स्नेह और सुरक्षा का संदेश देने वाला प्रमुख भारतीय त्योहार भी है।

TEAM VOICE OF PANIPAT