हरियाणा में इन कर्मचारियों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ! हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
Haryana OPS Update : हरियाणा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है । बता दे की हरियाण के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। HC के जारी आदेश के अनुसार कर्मचारियों को नई पेंशन नीति नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन बहाली का लाभ मिलने वाला है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नौकरी में देरी के कारण कर्मचारियों को पुरानी पेंशन (OPS) से वंचित नहीं किया जा सकता है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट (HC) ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया 28 अक्टूबर 2005 से पहले शुरू हुई थी और बाद में उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नया विज्ञापन जारी किया गया तो नियुक्ति 2006 के बाद होने मात्र से कर्मचारी को पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने स्वाति देवी एवं अन्य मामले में महिला कर्मचारी की याचिका स्वीकार की। अदालत ने 27 अगस्त 2026 को पारित सरकारी आदेश रद कर दिया, जिसमें पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का उनका दावा खारिज किया गया था। इसी फैसले के आधार पर दो अन्य संबंधित याचिकाओं का भी निपटारा किया गया।
स्वाति देवी ने एक जुलाई 2005 को जारी विज्ञापन के तहत गृह विज्ञान शिक्षिका पद के लिए आवेदन किया था। विभाग ने भर्ती प्रक्रिया वापस लेकर 20 जुलाई 2006 को नया विज्ञापन जारी किया। उसमें स्पष्ट था कि पहले विज्ञापन के तहत आवेदन करने वालों की शैक्षणिक योग्यता और आयु की गणना एक जुलाई 2005 के आधार पर होगी।
उन्हें 11-12 दिसंबर 2008 को नियुक्ति आदेश जारी हुआ और उन्होंने 17 दिसंबर 2008 को कार्यभार संभाला। नियुक्ति 2006 के बाद होने का हवाला देकर विभाग ने उन्हें नई अंशदायी पेंशन योजना में रखा था।
हाई कोर्ट में दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने आठ मई 2023 के सरकारी कार्यालय ज्ञापन और हाई कोर्ट के नौ जुलाई 2026 के ओम प्रकाश बनाम हरियाणा सरकार मामले के फैसले का हवाला दिया। ज्ञापन के अनुसार, 28 अक्टूबर 2005 या उससे पहले विज्ञापित पदों पर बाद में नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जा सकता है।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट (OPS) ने माना कि 2006 का विज्ञापन नई और स्वतंत्र भर्ती प्रक्रिया नहीं, बल्कि 2005 में शुरू हुई प्रक्रिया का विस्तार था। पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों की पात्रता सुरक्षित रखने की शर्त भी इसका प्रमाण है।
अदालत ने आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के छह सप्ताह के भीतर पुरानी पेंशन योजना चुनने का विकल्प दिया। इसके बाद सरकार को अगले छह सप्ताह में दावा संसाधित कर सेवानिवृत्ति लाभ दोबारा निर्धारित करने और बकाया राशि जारी करने को कहा। नई पेंशन योजना के तहत पहले जमा या भुगतान की गई राशि का नियमानुसार समायोजन होगा।