PUNE CASE : पोते केतन अग्रवाल के गम में 71 वर्षीय दादा की मौ#त
वॉयस ऑफ पानीपत (श्रद्धा गुप्ता ) - मेरे बुढ़ापे का सहारा था केतन , सोचिए ये शब्द उस दादा के हैं जिन्होंने 17 दिन पहले अपना जवान पोता खो दिया वो भी एक साजिश के चलते । साजिश जिसमें खुद भविष्य में उस घर की बहू बनने जा रही सिया गोयल का औऱ उनके बॉयफ्रेंड का हाथ था । जो लड़ाई केतन के लिए इंसाफ मांग रहे लोगों ने शुरू की थी उसमें केतन के दादा ने साथ छोड़ दिया है , 71 वर्षीय देवीचंद अग्रवाल की शनिवार को CARDIAC ARREST से जान चली गई । उनका केवल एक ही मांग थी कि उनके बेकसूर पोते को इंसाफ मिले कईं दिनों से अपनी तबीयत खराब होने के बाद भी उनका केंडल मार्च में शामिल होना उनके अपने पोते के प्रति गहरे प्यार को द्रशाता है ।
केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल
फिलहाल इस केस में नए अपडेट है जिसमें सिया के फोन की चैट जिसमें वो अपने एक दोस्त से कह रही है कि ये शादी तो नही होगी । इस सब के बाद सिया द्वारा मीडिया को किए गए गलत इशारे जो कि उनके अडीयल औऱ तेज़ स्वभाव को दर्शाता है । अब 11 दिन पुलिस कस्टडी में बिताने के बाद सिया और उसके बॉयफ्रेंड को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है । साथ ही पुलिस को तलाश है उस तीसरे इंसान की जिसे इस सारी घटना का शुरूआत से ही सब पता था और वो भी केतन की हत्या का बराबर का दोषी है ।
TEAM VOICE OF PANIPAT