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दिवाली के मोके हरियाणा सरकार पर पैसों की बारिश, सिर्फ दो जिलों से कमा डाले 4835 करोड़ रूपए 

हरियाणा के लोगों और सरकारी खजाने पर माता रानी की खूब कृपा रही है। इसका असर प्रॉपर्टी खरीदारी में देखा जा सकता है। सबसे ऊपर गुरुग्राम जिला रहा है। वहीं फरीदाबाद दूसरे स्थान पर जगह बनाने में सफल रहा। 
 

HARYANA PROPERTY PRICE HIKE : नवरात्र के दौरान हरियाणा में जमीन की जमकर खरीदारी हुई। इससे सरकारी खजाना भी मालामाल हुआ। हालांकि पूरे हरियाणा में ही जमीन की रजिस्ट्रियों से सरकार को खासी आमदनी हुई है, लेकिन इसमें एनसीआर के जिले फरीदाबाद और गुरुग्राम अव्वल रहे हैं।

 

सरकारी आंकडों के अनुसार नवरात्र के दौरान हरियाणा के लोगों और सरकारी खजाने पर माता रानी की खूब कृपा रही है। इसका असर प्रॉपर्टी खरीदारी में देखा जा सकता है। सबसे ऊपर गुरुग्राम जिला रहा है। वहीं फरीदाबाद दूसरे स्थान पर जगह बनाने में सफल रहा। 
 

नवरात्र के 9 दिनों के होते हैं, लेकिन प्रॉपर्टी की 10 दिन की कमाई बहुत विशेष रही है। इस दौरान गुरुग्राम जिले में 3725 रजिस्ट्रियां करवाई गई। वहीं फरीदाबाद में 1573 रजिस्ट्रियां राजस्व विभाग द्वारा की गई हैं। इससे हरियाणा सरकार के खजाने में 4835 करोड़ रुपये जमा हुए। वहीं फरीदाबाद जिले में हुई रजिस्ट्रिों से सरकारी खजाने में 925.41 करोड़ रुपये जमा हुआ हैं।

 

किस जिले में कितना राजस्व

नवरात्र के दौरान हरियाणा में हुई जमीन की रजिस्ट्रियों से कुल 3910.16 करोड़ रुपये रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अकेले गुरुग्राम से सरकार को 223.36 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी और 8.81 करोड़ रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस सरकारी खजाने में मिली। वहीं फरीदाबाद की बात की जाए तो 1573 रजिस्ट्रियां हुई हैं। इससे  सरकार को 48.32 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी मिली है, जबकि 2.99 करोड़ रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस मिली है।

 

सोनीपत और झज्जर में भी दिखा उछाल


गुरुग्राम और फरीदाबाद की तरह ही सोनीपत और झज्जर जिलों में भी जमीन के सौदों में काफी उत्साह रहा।


राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार सोनीपत जिला में कुल 1062 रजिस्ट्रियां नवरात्रों के दौरान हुई हैं। ऐसे में यह जिला राजस्व संग्रहण के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं झज्जर जिला 1047 रजिस्ट्रियाें के साथ चौथे स्थान पर रहा। 


 

इस दौरान सोनीपत में हुई रजिस्ट्रियों से 512.14 करोड़ रुपये और झज्जर में 390.17 करोड़ रुपये के सौदे हुए।

पानीपत जिला में 1010 रजिस्ट्रियां हुई और यहां 332.75 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। इसके अलावा पलवल जिला में रजिस्ट्रियों की संख्या 826 रही। इससे 203.56 करोड़ रुपये के सौदे हुए। राजधानी चंडीगढ़ से सटे 


पंचकूला में 322 रजिस्ट्रियां करवाई गई। यहां हुए सौदों की कुल कीमत 244.95 करोड़ रुपये रही।