हरियाणा में इन बिजली उपभोक्ताओं को झटका, 2 रुपए प्रति यूनिट की सब्सिडी बंद
Haryana news : चंडीगढ़। हरियाणा में छोटे और सूक्ष्म उद्योगों पर अब बिजली खर्च का बोझ बढ़ने वाला है। प्रदेश सरकार ने औद्योगिक इकाइयों को बिजली बिल में मिलने वाली 2 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी बंद कर दी है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने इस संबंध में आधिकारिक सर्कुलर जारी कर दिया है। इस फैसले से प्रदेश के C और D श्रेणी के ब्लॉकों में संचालित छोटे उद्योग प्रभावित होंगे। सबसे अहम बात यह है कि अब केवल आगे मिलने वाली राहत ही बंद नहीं होगी, बल्कि पहले दी जा चुकी सब्सिडी की रकम भी उद्योगों से वापस ली जाएगी।
बिजली निगम 29 जुलाई 2026 के बाद संबंधित औद्योगिक इकाइयों को दी गई छूट का हिसाब तैयार कर आगामी बिजली बिलों के जरिए इसकी वसूली करेगा। बिजली निगम के सर्कुलर के मुताबिक, एमएसएमई विभाग के निर्देशों के बाद UHBVN के आईटी विंग को सब्सिडी का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके तहत 29 जुलाई 2026 से अब तक जिन औद्योगिक इकाइयों को 2 रुपये प्रति यूनिट की छूट मिली है, उनकी कुल राशि की गणना की जाएगी। इसके बाद संबंधित उद्योगों के आगामी बिजली बिलों के माध्यम से रिकवरी की जाएगी। इस फैसले का असर खास तौर पर उन औद्योगिक इकाइयों पर पड़ेगा, जो C और D श्रेणी के ब्लॉकों में स्थित हैं और जिनका स्वीकृत बिजली कनेक्शन 20 किलोवाट या इससे कम क्षमता का है।
2018 की अधिसूचना के आधार पर मिल रही थी राहत
छोटे उद्योगों को बिजली खपत पर 2 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी देने की शुरुआत वर्ष 2018 की अधिसूचना के आधार पर 22 दिसंबर 2021 को हुई थी। इस योजना के तहत C और D श्रेणी के ब्लॉकों में स्थापित पात्र औद्योगिक इकाइयों को बिजली बिल में राहत दी जाती थी। इस सब्सिडी का वित्तीय भार एमएसएमई विभाग उठाता था।
नई एमएसएमई नीति में नहीं मिला सब्सिडी को स्थान
सब्सिडी बंद करने के पीछे हरियाणा सरकार की नई औद्योगिक नीति को वजह बताया गया है। एमएसएमई विभाग ने बिजली निगम को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि 'हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई व एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026' में पावर टैरिफ सब्सिडी स्कीम (PTSS) का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। नई नीति 29 जुलाई 2026 से अधिसूचित होकर लागू हो चुकी है। इसी आधार पर विभाग ने बिजली सब्सिडी को भी उसी तारीख से निष्प्रभावी मानने के निर्देश दिए हैं।