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यूक्रेन मे सस्ती शिक्षा स्टूडेंट्स पर पड़ी भारी, जानिए यूक्रेन ही क्यो जाते है भारतीय छात्र

 

वायस ऑफ पानीपत (सोनम गुप्ता):- यूक्रेन और रूस के बीच जंग जारी है. जिसके कारण वहां हजारों भारतीय छात्र फंसे हुए हैं, जो जल्द से जल्द अपने वतन लौटना चाहते हैं. यूक्रेन के शिक्षा और विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक, वहां करीब 18 हजार भारतीय स्‍टूडेंट्स फंसे हुए हैं. इनमें काफी ज्‍यादा संख्‍या में वो छात्र हैं, जो डॉक्‍टरी की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए थे. वहां डॉक्‍टरी की पढ़ाई कर रहे ज्यादातर स्‍टूडेंट्स भारत के उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब राज्य से हैं.

दरअसल भारत के हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश से लेकर दुनिया के अमेरिका या दूसरे देशो के मुकाबले यूक्रेन मे मेडिकल की पढ़ाईई काफी सस्ती है. यूक्रेन मे मात्र 25 लाख रूपए मे मेडिकल की पढ़ाई हो जाती है. जबकि भारत मे मेडिकल की पढ़ाई का खर्च करीीब सवा करोड़ रुपए आता है. वही अमेरिका मे 8 करोड़, ऑस्ट्रेलिया मे 4 करोड़ और कनाड़ा मे 4 करोड़ रुपए आता है. इसके साथ ही यूक्रेन मे एसबीबीएस मे एडमिशन के लिए कोई टेस्ट नही देना होता है.

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर आप यूक्रेन से एमबीबीएस करते हैं तो उसकी मान्यता पूरे विश्व में है. यहां तक कि इंडियन मेडिकल काउंसिल, वर्ल्‍ड हेल्‍थ काउंस‍िल, यूरोप और यूके में भी यहां की डिग्री की बहुत वैल्‍यू है. जिसका फायदा यह है कि यहां से एमबीबीएस करने वाले स्‍टूडेंट्स को दुनियाभर के ज्‍यादातर देशों में काम करने का मौका मिलता है. यही एक सबसे बड़ा कारण है की इतनी संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन जाते हैं.

TEAM VOICE OF PANIPAT