स्मॉल फ्लैट्स और एआरएचसी लाइसेंस धारकों के 20 करोड़ रुपये माफ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का बड़ा फेंसला
CHANDIGARH INTEREST WAIVERS: चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए स्मॉल फ्लैट्स और अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स यानी एआरएचसी लाइसें सधारकों के करीब 20 करोड़ रुपये ब्याज माफी की की राहत दी है।
बोर्ड का यह फैसला करीब 14 हजार आवंटियों के साथ उनके परिवारों को राहत देने वाला है। हालांकि बोर्ड ने कई अन्य अहम फैसले भी लिए हैं।
इसके तहत जीपीए ट्रांसफर नीति में भी बदलाव करते हुए, इसको नई शर्तों के साथ दोबारा लागू करने का निर्णय लिया है।
दरअसल यह फैसला चंडीगढ़ में हुई बोर्ड की 435वीं बैठक में हुआ है। यह सभी निर्णय चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए हैँ।
मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में बोर्ड ने कई अन्य फैसलों पर भी मुहर लगाई है।
इस बैठक में बोर्ड ने फैसला लिया है कि 2016 की जीपीए ट्रांसफर नीति को दोबारा लागू किया जाएगा। हालांकि इसमें कुछ संशोधन किए गए हैं। ऐसे में जो लोग पहले इस नीति का लाभ नहीं ले पाए थे, उनको अब एक और मौका दिया गया है।
हालांकि इस योजना से सिर्फ 11 अक्टूबर 2011 से पहले बनाए गए जीपीए को ही मिल पाएगा। इसको लेकर बोर्ड ने फैसला लिया कि एक बार की छूट के तौर पर इसको 6 महीने के लिए लागू किया गया है।
वहीं बकाया जमा करने पर ब्याज माफी का लाभ भी मिलेगा।
गौरतलब है कि स्मॉल फ्लैट्स योजना-2006 और एआरएचसी योजना के लाइसेंस धारकों के लिए एकमुश्त ब्याज माफी योजना भी स्वीकृत की गई है।
इसके तहत वे लोग लाभांवित होंगे, जिनका बकाया भुगतान नहीं करने के कारण लाइसेंस रद्द हो चुका है। इन लोगों को 31 अक्टूबर 2026 तक की बकाया राशि का भुगतान करना पड़ेगा।
हालांकि सुविधा रहेगी कि लाइसेंस धारक इस राशि को एक बार में या किस्तों में जमा कर सकते हैं।
31 अक्टूबर 2027 तक राशि जमा करवानी होगी। इसमें एक शर्त और रखी गई है कि यदि लाइसेंस की अवधि इस समय से पहले समाप्त हो रही है तो भुगतान इससे प हले किया जाएगा।
लाइसेंस शुल्क में मिलेगी राहत
बैठक के दौरान बोर्ड ने एआरएचसी योजना के अंतर्गत फ्लैट लेने वालों को लाइसेंस शुल्क में राहत देने का फैसला लिया है। इसके तहत सेक्टर-52 और सेक्टर-56 में प्री-फैब्रिकेटेड आश्रयों में रह रहे लोगों को लगभग 2,000 फ्लैट आवंटित किए गए हैं।
इन सभी का मासिक लाइसेंस शुल्क 3,000 रुपये निर्धारित है। वहीं स्मॉल फ्लैट्स योजना के तहत यह शुल्क प्रति महीना 800 रुपये रखा गया है। ऐसे में बोर्ड ने फैसला लिया है कि कुछ लाभार्थियों से स्मॉल फ्लैट्स योजना के बराबर ही शुल्क लिया जाए।
इससे उन गरीब परिवारों को राहत मिलेगी, जिनकी वार्षिक आय 1.5 लाख रुपये से कम है। . इसके अलावा राशन कार्डधारकों, दिव्यांगजनों, निराश्रितों और विधवाओं को भी इस राहत में शामिल किया गया है.
दिवाली उपहार की रकम बढ़ाने का फैसला : बैठक में बोर्ड कर्मचारियों को मिलने वाली अनुग्रह राशि और दिवाली उपहार की रकम बढ़ाने का फैसला भी लिया गया.
कर्मचारियों को यह राशि वर्ष 1985 से दी जा रही है. हालांकि, इन सभी फैसलों को लागू करने के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक की मंजूरी जरूरी होगी. अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही तय नियमों और शर्तों के अनुसार इन्हें लागू किया जाएगा.