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हरियाणा में हड़ताल के बाद इन कर्मचारियों की निकाली जा रही है लिस्ट, निष्कासित करने की तैयारी 

Haryana News: बिजली वितरण कार्य निजी कंपनी को देने के विरोध में कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल की थी। हालांकि सरकार के साथ बातचीत के बाद हड़ताल तो वापस हो गई, लेकिन ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है
 

Haryana News : हरियाणा में बिजली वितरण कार्य निजी कंपनी को देने के विरोध में कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल की थी। हालांकि सरकार के साथ बातचीत के बाद हड़ताल तो वापस हो गई, लेकिन ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है, जो हड़ताल में शामिल नहीं हुए। यह कार्रवाई कर्मचारी संगठन या यूनियनों द्वारा अपने सदस्यों पर की जा रही है।

यह कार्रवाई सिर्फ कर्मचारियों के स्तर पर नहीं अधिकारियों के स्तर पर भी होगी। क्योंकि बिजली निगम में जेई से ऊपर के पदों पर बैठे अधिकारियों की अलग से बिजली इंजीनियर एसोसिएशन है। ऐसोसिएशन ने भी हड़ताल के दौरान काम करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात की है। 

इस हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले कर्मचारियों पर बिजली कर्मचारी यूनियनों द्वारा सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। क्योंकि यूनियन सरकार से अपनी बात मनवाने में सफल रही, ऐसे में अब वे सदस्य भी यूनियनों के राडार पर हैं, जो हड़ताल के दौरान ड्यूटी पर रहे। इनको अब यूनियन से बाहर किया जा रहा है। 

ऐसे में कार्रवाई करते हुए ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन द्वारा पंचकूला के एक JE पर कार्रवाई की गई है। वहीं दूसरी यूनियन HSEB वर्कर यूनियन द्वारा जींद में कार्यरत एक LDC को संगठन से बर्खास्त किया है। उनकी सदस्यता 5 साल के लिए रद्द की गई है। साथ ही इस आंदोलन में शामिल बिजली कर्मचारियों की सभी यूनियन ऐसे कर्मचारियों व अधिकारियों का पता लगा रही हैं, जो हड़ताल के दौरान काम पर रहे।

कई पदाधिकारी भी रहे हड़ताल से बाहर


वही बिजली कर्मचारी यूनियन के एक नेता ने बताया कि सभी यूनियनों ने यह फैसला लिया है कि ऐसे किसी भी कर्मचारी को यूनियन में नहीं रखा जाएगा, जो हड़ताल का विरोध कर रहा था। साथ ही पता चला है कि कुछ अलग-अलग यूनियन के पदाधिकारी भी हड़ाताल में शामिल हुए हैं। उन पर भी कार्रवाई होगी। हालांकि सभी यूनियन अपने-अपने संगठन के ऐसे सदस्यों की पहचान करने में लगी हैं, जो हड़ताल के दौरान  ड्यूटी पर रहे।